Sep
20
Written by:
ABHISHEK CHOUDHARY
20/09/2008 17:57
सृष्टि के आरंभ से मनुष्य की जिज्ञासा प्रकृति की तमाम चीजों से जुड़ी रही है और इसी से जुड़ा हुआ यह प्रश्न वैज्ञानिकों को शुरू से परेशान करता रहा है कि आखिर इस ब्रrांड की उत्पत्ति कैसे हुई? बिग बैंग यानी महाविस्फोट के बाद क्या हुआ?
अब तक इसके लिए जिस बिग बैंग थ्योरी के बारे में बताया जाता है, उसको संपूर्णता में समझने के लिए यूरोपीय परमाणु अनुसंधान संगठन के वैज्ञानिकों ने फ्रांस और स्विट्जरलैंड की सीमा पर विश्व के सबसे बड़े प्रयोग को शुरू किया है। 27 किलोमीटर लंबी सुरंग में पहली बार अणुओं को छोड़ा गया है और वे विपरीत दिशा में बहुत तेजी से एक-दूसरे से टकराएंगे, उसके बाद जो जानकारी मिलेगी वह पृथ्वी की उत्पत्ति की बिग बैंग थ्योरी को समझने में सहायक होगी।
हालांकि वैज्ञानिकों ने इस प्रयोग से पृथ्वी के विनाश की तमाम अटकलों को सिरे से ही खारिज कर दिया है, लेकिन इन अटकलबाजियों पर विराम नहीं लगाया जा सका कि इस प्रयोग से पृथ्वी ब्लैक होल में समा सकती है। सर्न के वैज्ञानिक प्रोफेसर ब्रायन क्रॉक्स ने इस आशंका के बारे में साफ स्पष्ट किया है कि पूरी पृथ्वी तो छोड़िए इस प्रक्रिया में प्रोटॉन केअलावा
| Liked this blog? Share it on - |
|
|